Thursday, January 24, 2013
Tuesday, December 18, 2012
विजय दिवस सैनिक परिजन के सम्मानित कायल गेल
अपन गाँव पिलखबार में बीतल रविदिन अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषदक द्वारा विजय दिवसक अवसर पर भारतीय सेना में वीर गति के प्राप्त सैनिक के परिजन के सम्मानित कायल गेल। कार्यक्रमक अध्यक्षता योगी पासवान आ मंच संचालन कर्नल एसबी लाल द्वारा कायल गेल। कार्यक्रमक मुख्य अतिथि सूबेदार रामअशीष पांडे, एसएसबी 35 वीं वाहिनीक असिस्टेंट कमांडेंट प्रवीण कुमार, नायब सूबेदार सियाराम सिंह, महंथ चिरंजीव गिरि आदि अहि अवसर पर कहलैनी कि 1971 ई. में भारत आ पाकिस्तानक बीच युद्ध में भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना पर विजय प्राप्त केने छल। 16 दिसंबर 1971 ई. क पाकिस्तानी सेना भारतीय सेनाक समक्ष आत्मसमर्पण केने छल। अहि युद्धक दौरान भारतीय सेनाक तीन हजार छह सौ 30 सैनिक शहीद भेल छला आ 9 हजार 56 सैनिक घायल भेल छला। शेष दो सौ 13 सैनिक लापता घोषित भेल छल। युद्धक बाद भारत सरकार द्वारा भारतीय सैनिक एवं हुनक विधवा के अनेको पदक स नवाजल गेल छल। 16 दिसंबर के विजय दिवसक रूप में सारा राष्ट्र मनावैत अछि। कार्यक्रमक शुरुआत स्वागत गान स भेल। स्वागत गान पिलखबार मध्य विद्यालयक छात्रा द्वारा गायल गेल। ओतय साहित्याचार्य रघुनाथ झा अभिनंदन पत्र पढ़ला आ आगत अतिथि सब के सौंपला। अहि अवसर पर सूबेदार रामाश्रय पांडे द्वारा झंडोत्तोलन कायल गेल। संगही अतिथियों द्वारा 1971 ई. में भारतीय सेनाक तत्कालीन सेनाध्यक्ष सैम मानिक शॉ एवं मुंबई में आतंकवादी हमला में वीर गति के प्राप्त मेजर संदीप उन्नीकृष्णनक तैल चित्र पर माल्यार्पण कायल गेल। अहि कार्यक्रम में स्मारिकाक विमोचन सेहो कायल गेल। अहि अवसर पर जीवानंद मिश्रा 'जीवन', एसएसबी के विनोद सेन, प्रभाकर झा, भगवान जी झा, गोवानंद झा उर्फ सोनू, काली झा सहित सैनिक सभक विधवा पूर्व सैनिक सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित छला। धन्यवाद ज्ञापन जीवानंद मिश्र 'जीवन' केलैनी। अहि अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद द्वारा सैनिक के परिजन के शॉल द क सम्मानित कायल गेल। अहि में दानापुर, पटना आ जिला स अनेको सैनिक के परिजन उपस्थित छला। शहीद उमेश कुमार झा क पत्नी सुनीता देवी, मनोज कुमार झा क पत्नी उषा देवी, हरिवंश सिंह क पत्नी सविता देवी, त्रिवेणी पांडे क पत्नी मालती देवी, उमाकांत राय क पत्नी मीना देवी, इन्द्रजीत सिंह क पत्नी उर्मिला देवी आ सिपाही बी.के. ठाकुर क पुत्री डॉली कुमारी के सूबेदार रामाश्रय पांडे, असिस्टेंट कमांडेंट प्रवीण कुमार योगी पासवान, नायब सूबेदार सियाराम सिंह, महंथ चिरंजीव आदि सम्मानित केलैनी।
Tuesday, October 23, 2012
Sunday, October 21, 2012
Saturday, October 20, 2012
Tuesday, October 16, 2012
पिलखवार दुर्गास्थान क आरती
अति रुप भगवति चण्डि!!
दानव दल दस दीस परायल,
महिषासुर हनु खण्डी जय जय!!
भार रॆणु उङि आयल,
जलद लगल उङि पंका!!
सुर नर झंकही महि अहि कंपहि,
सुम्भासुर मन संका जय जय!!2!!
कतॆक हाँक हुँकार परायल,
कतए स निकलल छुरा!!
सिंह चढल दॆवी फिरती गॊसाऊनि,
शत्रुक मुख दय छुरा जय जय!!3!!
कट कट काटि कॊलाहल कएलन्हि,
गढ गढ गिरलन्ही काचै!
चिहुँकि चिहुँकि कय सॊनित पियुलन्हि,
मातलि यॊगिन नाचै जय जय!!4!!
दानव वंश निकन्दनी माता,
दियहुँ अभय वरदाना!!
जन्म जन्म तुअ चरण अराधल,
विधापति कवि भावॆ जय जय!!5!!
नूतन सघन सजल नीरज छवि,
शंकर नाम लॆवैया!!
यॊगिन काटि अनॆक डाकिनि,
नाचै ता ता थैया जय जय!!6!!
मुण्ड माल सिर व्याघ विराजित,
वसन बाघम्बर राजॆ!!
कर खप्पर कर कज्जवल सित इति,
कटि किंकनी पगु राजॆ जय जय!!7!!
शम्भुकरण समसान निवासिन,
सब आशिन सुखदैया!!
डिमिक डिमिक डिम डामरु वाजॆ,
भुतक नाच नचैया जय जय!!8!!
शिव सनकादि आदि मुनि सॆवक,
शुम्भ निशुम्भ बधैया!!
शंकर दत्त मिलि करहि आरति,
जय जय तारणि मैया जय जय!!9!!
चतुरानन स्तुति वर किन्हॊ,
निद्रा तॆजहुं मुरारि!!
मधुकैटभ माया वस किन्हॊ,
मारहुँ चक्र सुधारि जय जय!!10!!
परम सुन्दरी रुप धरॊ है,
त्रिभुवन मॊहन कारि!!
सिंह चंढल दॆवी खर्ग विराजॆ,
महिषासुर संहारी जय जय!!11!!
अति विस्तार वदन है तॆरॊ,
जिहुँवा लॆलनी पसारि!!
चण्ड मुण्ड कॊ घात कियॊ है,
रक्त बीज कॊ मारि जय जय!!12!!
समरहि शुम्भ निशुम्भही मारॊ,
जगत कियॊ शुभकारि!!
चन्द्रभाल करताल किंकणी,
पगुनॆपुर झंझकारि जय जय!!13!!
असुर निकन्दनी सुर शुभ करणी,
भव भय हरण स्वरुपा!!
भक्त जन प्रतिपालन कर मन,
माया क्रत बहुरुपा जय जय!!14!!
चक्र त्रिशुल क्रपाणु परशुधर,
चाप गदा अहि पासा!!
अष्ट सिंवाहुँ विराजित सुन्दरी,
मुख रुचि शॊभित आशा जय जय!!15!!
कटि किंकणी पगुनॆपुर राजित,
झिम झिम झन झन बाजॆ!!
चहुँ दिश मानस गणित भुत गण,
नाचॆ मुदित मन राजॆ जय जय!!16!!
तुअ पद सॆवित दॆवि सुर नर,
निज निज अभिमत पावॆ!!
तुअ महिमा कहवॊ नहि सम्हरत,
मॊहन आरति गावॆ जय जय!!17!!
इति श्री
ई आरति पिछला छ: दशक स पिलखवाङ पुवारि दुर्गास्थान मॆ दुर्गा पुजा गाऒल जाईत अछि!
दानव दल दस दीस परायल,
महिषासुर हनु खण्डी जय जय!!
भार रॆणु उङि आयल,
जलद लगल उङि पंका!!
सुर नर झंकही महि अहि कंपहि,
सुम्भासुर मन संका जय जय!!2!!
कतॆक हाँक हुँकार परायल,
कतए स निकलल छुरा!!
सिंह चढल दॆवी फिरती गॊसाऊनि,
शत्रुक मुख दय छुरा जय जय!!3!!
कट कट काटि कॊलाहल कएलन्हि,
गढ गढ गिरलन्ही काचै!
चिहुँकि चिहुँकि कय सॊनित पियुलन्हि,
मातलि यॊगिन नाचै जय जय!!4!!
दानव वंश निकन्दनी माता,
दियहुँ अभय वरदाना!!
जन्म जन्म तुअ चरण अराधल,
विधापति कवि भावॆ जय जय!!5!!
नूतन सघन सजल नीरज छवि,
शंकर नाम लॆवैया!!
यॊगिन काटि अनॆक डाकिनि,
नाचै ता ता थैया जय जय!!6!!
मुण्ड माल सिर व्याघ विराजित,
वसन बाघम्बर राजॆ!!
कर खप्पर कर कज्जवल सित इति,
कटि किंकनी पगु राजॆ जय जय!!7!!
शम्भुकरण समसान निवासिन,
सब आशिन सुखदैया!!
डिमिक डिमिक डिम डामरु वाजॆ,
भुतक नाच नचैया जय जय!!8!!
शिव सनकादि आदि मुनि सॆवक,
शुम्भ निशुम्भ बधैया!!
शंकर दत्त मिलि करहि आरति,
जय जय तारणि मैया जय जय!!9!!
चतुरानन स्तुति वर किन्हॊ,
निद्रा तॆजहुं मुरारि!!
मधुकैटभ माया वस किन्हॊ,
मारहुँ चक्र सुधारि जय जय!!10!!
परम सुन्दरी रुप धरॊ है,
त्रिभुवन मॊहन कारि!!
सिंह चंढल दॆवी खर्ग विराजॆ,
महिषासुर संहारी जय जय!!11!!
अति विस्तार वदन है तॆरॊ,
जिहुँवा लॆलनी पसारि!!
चण्ड मुण्ड कॊ घात कियॊ है,
रक्त बीज कॊ मारि जय जय!!12!!
समरहि शुम्भ निशुम्भही मारॊ,
जगत कियॊ शुभकारि!!
चन्द्रभाल करताल किंकणी,
पगुनॆपुर झंझकारि जय जय!!13!!
असुर निकन्दनी सुर शुभ करणी,
भव भय हरण स्वरुपा!!
भक्त जन प्रतिपालन कर मन,
माया क्रत बहुरुपा जय जय!!14!!
चक्र त्रिशुल क्रपाणु परशुधर,
चाप गदा अहि पासा!!
अष्ट सिंवाहुँ विराजित सुन्दरी,
मुख रुचि शॊभित आशा जय जय!!15!!
कटि किंकणी पगुनॆपुर राजित,
झिम झिम झन झन बाजॆ!!
चहुँ दिश मानस गणित भुत गण,
नाचॆ मुदित मन राजॆ जय जय!!16!!
तुअ पद सॆवित दॆवि सुर नर,
निज निज अभिमत पावॆ!!
तुअ महिमा कहवॊ नहि सम्हरत,
मॊहन आरति गावॆ जय जय!!17!!
इति श्री
ई आरति पिछला छ: दशक स पिलखवाङ पुवारि दुर्गास्थान मॆ दुर्गा पुजा गाऒल जाईत अछि!
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